राजस्व निरीक्षक ममता तिर्की व पैगवार पटवारी ने भुरकुंडा के किसानों से कमीषन लेना व गलत नाप देकर दूसरे पक्ष के किसानों की अनुपस्थिति में बनवाया पंचनामा

दिनेश पाटले


मस्तूरी विधानसभा :- गौरतलब हो एक किसान के सीमांकन के आवेदन के उपरांत पंद्रह हजार कमीषन लेने के बाद भी किसानों को संतुष्टि पूर्ण नाप नहीं दिए व दूसरे पक्ष किसान की अनुपस्थिति में पंचनामा की फर्जी रिपोर्ट तैयार किए यह की उक्त संबंधित किसान जिसके खेत में नाप बीस डिसमिल से ज्यादा पड़ा और उस विद्यादिह के किसान के अनुपस्थिति में पंचनामा तैयार किए जबकि जरीब की वास्तविक नाप लंबाई क्षेत्रफल पूछने पर भी नहीं बताई ज्ञात हो ऐसे शासन के कमीषन खाने वाले कर्मचारी ज्ञात हो जब सामने वाले किसान उक्त स्थल पर पहुंचेंगे प्रथम पक्ष आवेदक किसान से विवाद झगड़ा होना निश्चित है


 असंतुष्टि पूर्ण बगैर अनुपस्थित में नाप व मार्किंग करने कराने से जबकि दोनों के समक्ष सहमति पूर्ण पंचनामा बनना चाहिए था जबकि ऐसा नहीं करते हुए हड़बड़ी में नाप करते हुए किसानों को आपस में लड़ाने का नाप देते हुए ऐसे कर्मचारी पड़े लिखे शिक्षित होने व किसानों साथ आपस में विवाद की स्थिति व अन्याय करने से पहले सोचना चाहिए , गरीब किसान के लंबे आवेदन के पश्चात सीमांकन का समय मिलता है उसमे भी ये निचले स्तर के कर्मचारी किसानों को तर्क संगत नाप व न्याय नहीं दे पाते क्या ऐसे


 कर्मचारियों को राज्य  सरकार केवल किसानों को गुमराह करने कमीषन खाने के वेतन दे रहे है राज्य सरकार से गुहार लगाते है ऐसे गलत करने वाले कर्मचारियों पर शिकंजा कसा जाना चाहिए अपने पद के गलत दुरुपयोग करके सामने वाले मिस बिहेव भी काफी ज्यादा करते है और पटवारी अपने कार्यलय में नहीं बैठते जिसके वजह से ग्राम के किसान अपने वास्तविक न्याय से वंचित रहते है काम कम कमीषन ज्यादा लेते है कोई चिल्ला देते है बहस करते है काम नहीं करने की धमकी देते है ।।

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