*ग्रामीणों,जनप्रतिनिधियों एवम नया ठेका लेने वालो को खबर तक नही,जयरामनगर सरपंच द्वारा लेनदेन कर गुपचुप तरीके से पूर्व ठेकेदार को फिर दिया जा रहा जयरामनगर साप्ताहिक का ठेका*

दिनेश पाटले


*ना कोई आम सूचना,ना ही गांव में मुनादी किए गुप्त तरीके से किए जा रहे जयराम नगर सरपंच द्वारा बाजार का ठेका,मस्तुरी एडीएम एवं जनपद सीईओ को नही है कोई सरोकार*


मस्तुरी=ज्ञात हो की जयराम नगर ग्राम पंचायत के साप्ताहिक बाजार जो की सोमवार को लगता हैं,जिसका वर्तमान विवादित सरपंच द्वारा विगत कई वर्षों से बाजार ठेका केवल एक ही व्यक्ति को दिया जा रहा है,और पंचायत की कमाई को कम कर अपना फायदा कमाया जा रहा हैं,


जनप्रतिनिधि एवम ग्रामीणों का कहना हैं की आम जनता को ना तो आम सूचना की खबर लगती हैं और ना ही कोटवार के माध्यम से गांव में मुनादी करवाया जाता हैं,केवल अपनी निजी स्वार्थ के लिए सरपंच और मस्तूरी में बैठे अधिकारी गोपनीय तरीके से ठेका करवा देते हैं जिसकी किसी को भनक तक नहीं रहती और ठेका हो जाता हैं,जो ढर्रा पिछले कई सालों से चल रहा हैं,विदित हो की जयराम नगर साप्ताहिक बाजार का ठेका केवल एक ही व्यक्ति को कम दर पर ठेका दिया जा रहा हैं,उक्त बाजार का ठेका पूरे साल भर का 2से 3लाख में कर दिया जाता हैं,और दूसरे ठेका पाने वालो को वंचित रखा जाता हैं,जिससे पंचायत को होने वाले अधिक आय कम किया जा रहा हैं,चुकी विधि विधान से ठेका होता तो अन्य ठेकेदार को मौका मिलता और पंचायत की राशि का बढ़ोतरी भी होता,पर

 


सरपंच और अधिकारी केवल अपने स्वार्थ के लिए एक ही व्यक्ति को ठेका देकर पंचायत के फायदे के अधिक राशि से वंचित कर रहे हैं,उल्लेखनीय हैं की जयराम नगर बाजार आसपास 43 ग्राम पंचायतों का प्रमुख बाजार है, एवं छोटे और बड़े दुकानदार मिलकर करीब 300सौ से 400सौ होते हैं,जिनसे वर्तमान ठेकेदार द्वारा धमका चमका कर 100से 200 प्रति दुकानदार से लिया जाता हैं, साथ ही पूर्व सरपंच कपिलेंद्र शर्मा के बाद से कोई विकास नही हुआ है,और उल्टा छेत्र का प्रमुख राउत बाजार भी जयराम से वर्तमान ठेकेदार द्वारा किसी भी प्रकार से ध्यान नहीं देने,राउत बाजार में यदु वनसियो को किसी भी तरह से सहयोग न देने की वजह से राउत बाजार पूरी तरह से समाप्त भी हो चुका हैं। लेकिन अच्छा खासा बाजार को बर्बाद करने वाले को ही सरपंच और अधिकारी अपने फायदे के लिए बार2ठेका देकर मोटी फायदा कमा रहे हैं

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