छत्तीसगढ़ के उभरते युवा कवि एवं साहित्यकार उमेश श्रीवास कबीर कोहिनूर अवार्ड से सम्मानित हुए

 

 

 संत शिरोमणी सद्गुरु कबीर दास साहब जी के 505 वां कबीर महापरिनिर्वाण महोत्सव धूमधाम से सद्गुरु सेवा आश्रम संस्थान बड़ी खाटू जायल (नागौर) राजस्थान के तत्वावधान में 5 फरवरी 2023  रविवार को 15 जनपद रोड नई दिल्ली में स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडर अंतराष्ट्रीय केंद्रीय सभागार कक्ष में कबीर कोहिनूर सम्मान एवं कबीर सम्मान भव्यता के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में मांँ सरस्वती एवं कबीर वाणी की वंदना मंच संचालन कर रही सुश्री रेखा चौरसिया के सुमधुर वाणी से हुआ। अतिथियों के करकमलों से कबीर जी के सचित्र में पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। अभिषेक कुमार के अनुसार इस महोत्सव के अवसर पर कबीर कोहिनूर अवार्ड एवं कबीर सम्मान 2023 के लिए दो श्रेणियों में अपने अपने क्षेत्र में विशेष उल्लेखनीय कार्य करने वाले 200 उत्कृष्ट महान हस्तियों का चयन किया गया इस कार्यक्रम में भारत के विश्व शांति दूत आचार्य डॉ लोकेश, भाजपा के वरिष्ठ नेता श्याम जाजू,  आचार्य विचार दास जी , आचार्य सुधीर दास शास्त्री,  संदीप मारवाह, डॉ प्रवीन (यू. के.) इंद्रजीत शर्मा (अमेरिका), डॉ सौरभ पाण्डेय (जिम्बाब्वे के कुलपति), पद्मश्री हिम्मतराम भाम्बू , सुरेश चंद्र रतन (भारतीय रेल के चेयरमेन), डॉ मधु बिड़ला, शशिकांत यादव , डॉ नानक दास (भारत भूषण /पूर्व केंद्रीय टी बोर्ड सदस्य भारत सरकार) , डॉ अभिषेक कुमार इत्यादि रहे 


                  हमारे संवाददाता ने बताया की कार्यक्रम में शामिल विभिन्न क्षेत्रों के बहुमुखी प्रतिभा के मनीषियों ने देश भर के विभिन्न प्रांतों से आए और उन्हें चयन मंडल के द्वारा चयनित कर कबीर कोहिनूर अवार्ड एवं कबीर सम्मान से अलंकृत किया गया। इसी परिपेक्ष्य में छत्तीसगढ़ बिलासपुर संभाग, बिलासपुर  जिला के गांव खैरा जयरामनगर में जन्मे कवि एवं साहित्यकार उमेश कुमार श्रीवास जो जनपद पंचायत मस्तूरी के  राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन "बिहान" विभाग में कार्यरत हैं को कबीर कोहिनूर सम्मान से भारतीय रेल के चेयरमेन श्री सुरेश चंद्र रतन , भारत भूषण महंत श्री डाँ. नानक दास जी एवं अतिथियों के कर कमलों से साहित्य/ लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य  करने के लिये प्रदान किया गया। उमेश श्रीवास ने बताया की भारत भूषण डॉ. नानक दास महंत अखिल भारतीय कबीर मठ के परम्परागत सद्गुरु कबीर सेवा आश्रम सेवा संस्थान बड़ी खाटू व कबीर समाधि स्थल मगहर धाम का हृदय से आकाश भर धन्यवाद जिन्होंने हमें यह सम्मान प्रदान किया ।उनके कार्यों को जितनी भी प्रशंसा की जाए सूरज को दीपक दिखाने के समान है । सद्गुरु कबीर दास साहब मानव जीवन के सच्चे आदर्श और समाज को नई दिशा देने में अहम योगदान रहा है। आज यह मेरे साहित्यक उपलब्धि का श्रेष्ठतम सम्मान है। 

            संवाददाता के साक्षात्कार में साहित्यकार श्रीवास जी  ने कहा कि साहित्य के लिये विविध संस्थाओं द्वारा आभासी माध्यम से एवं प्रत्यक्ष माध्यम से लगभग शतक सम्मान प्राप्त हो चुके है जिसमें  विश्व पर्यावरण दिवस सहभागिता सम्मान,  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सहभागिता सम्मान ,साहित्य शौर्य सम्मान, कोंच इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल साहित्य ईकाई "कोंच काव्य कुंभ" में सहभागिता सम्मान, हिन्दी रत्न सम्मान,  लाइफ टाइम शिक्षक सम्मान, गोंडा फ़िल्म फेस्टिवल सम्मान, हिंदी सेवी सम्मान, स्वतंत्रता दिवस सम्मान, नववर्ष सम्मान, कला कौशल सम्मान,  

 गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नशामुक्ति सम्मान बुलंदी मेराथन विश्व रिकॉर्ड में साहित्य गौरव सम्मान

* अर्थवर्ल्ड रिकॉर्ड सम्मान द्वारा सम्मान,  हिन्दी वर्ल्ड आफ राइटर्स द्वारा  श्री साहित्य सम्मान, वर्ल्ड रिकॉर्ड आफ द अर्थ (IIU द्वारा) मेन आफ द अर्थ सम्मान , अमृत महोत्सव साक्षी सम्मान, सांस्कृतिक मंत्रालय भारत  शासन द्वारा  हर घर तिरंगा सम्मान , केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कौशल किशोर के आवाहन पर नशा उन्मूलन हेतु "सजग सिपाही सम्मान" ,भारत माता अभिनंदन सम्मान, श्रेष्ठ नागरिक सम्मान, इत्यादि सम्मान शामिल हैं।  ये कई साहित्यिक मंचों के सदस्य एवं पदाधिकारी भी है - कन्नौजिया श्रीवास समाज साहित्यिक मंच छत्तीसगढ़, अपना साहित्य मंच छत्तीसगढ़ ( सह संस्थापक एवं मीडिया प्रभारी) ,भारतोदय लेखक संघ , राष्ट्रीय भारतमाता अभिनदंन सम्मान ( सदस्य) है।

                 उमेश श्रीवास को कबीर कोहिनूर अवार्ड मिलने पर जनपद पंचायत मस्तूरी के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा शुभकामनाये प्रेषित किया गया है। अपना साहित्य मंच छ. ग., कन्नौजिया श्रीवास समाज साहित्यिक मंच छत्तीसगढ़ के सभी पदाधिकारी/ सदस्य , मित्र मंडल , परिवारिक जनों का बधाइयों का तांता लगा है । उमेश श्रीवास जी अपने उद्गार प्रकट करते हुए कहा कि भाव विभोर कर देने वाला पल रहा । मैं समाज को एक नई दशा और दिशा देने में अहम भूमिका निभाउंगा । जहांँ तक मुझे ज्ञात है छत्तीसगढ़ में यह पहला अवसर होगा जो हमारे समाज को साहित्य के क्षेत्र में इतनी बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुआ । समाज और देश में किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को प्रोत्साहित करना चाहिए। आज मैं  इस उपलब्धि पर अत्यधिक प्रसन्न हूँ एवं मैं सभी को नमन एवं हृदय तल से आभार व्यक्त करता हूँ ।

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