दिनेश पाटले
छत्तीसगढ़िया पुरखों को स्थापित करने में लगे संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना संगठन ने बिलासपुर शहर की संस्थापिका वीरांगना बिलासा दाई को जंयती पर याद किया । इस अवसर पर संगठन ने महिला क्रांति सेना के साथ मिलकर शनिचरी स्थित बिलासा चौक पर 501 दीप जलाये एवं प्रतिमा में माल्यार्पन , पुजा अर्चना किये । साथ ही खंडित होते जा रहे प्रतिमा को लेकर सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया ।
क्रांति सेना के जिला संयोजक ठा. शैलु छत्तीसगढिया ने बताया कि वीरांगना बिलासा दाई अत्यंत पराक्रमी महिला थी जिन्होनें जंगली शेर , दंतैल वराह की मारकर ग्रामीणो की जान बचायी था और उनके इसी तरह के अन्य बहादुरी भरे कार्य से खुश होकर तत्कालीन कल्चुरी शासक ने उनके नाम पर बिलासपुर शहर का नामकरण किया था। इसके अतिरिक्त मुगली के दिल्ली दरबार में भी इस महानायिका ने अपने खड्ग विद्या का लोहा मनवाया था, अतः हम सभी को ऐसे महान वीरांगना से प्रेणना लेना चाहिये।
वही महिला क्रांति सेना के प्रदेशाध्यक्ष लता राठौर ने बताया कि दुर्भाग्य है कि शनिचरी स्थित उनके नाम पर बने चौक की हालात जीर्ण शीर्ण अवस्था में है। जबकि हमारा संगठन हर वर्ष उनके जयंती पर शासन प्रशासन से गुहार लगाते है लेकिन अभी तक हालात जस के तस है । हमारे छत्तीसगढ़िया महापुरुषों के साथ इस प्रकार के व्यवहार बहुत दुखद है ।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़िया समाज के दर्जनों लोग उपस्थित रहे ।

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